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बाबा रामदेव का गांधी परिवार पर हमला, कांग्रेस का बहिष्कार करने की अपील

Source: IBTL & Aaj Samaj
लखनऊ। योग गुरु बाबा रामदेव ने पहली बार गांधी परिवार पर हमले का शुभारंभ करते हुए आज उत्तर प्रदेश में एक बैठक के दौरान मतदाताओं से कांग्रेस का "बहिष्कार" और अन्य दलों के केवल ईमानदार उम्मीदवारों को वोट देने का आग्रह किया।
योगगुरु बाबा रामदेव ने रविवार को कहा कि जब तक विदेशों में जमा काला धन वापस नहीं आ जाता, वह चुप नहीं बैठेंगे और देशभर में अपना आंदोलन चलाते रहेंगे।
अपने भाषण में, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम न लेते हुए बाबा ने कहा: 'कुछ लोगों की आँखों में आतंकवादियों के लिए आँसू है, लेकिन भारत के १० लाख से अधिक किसान जिन्होंने आत्महत्या कर ली, ८४ करोड़ गरीब लोग, भुखमरी और कुपोषण से मरते हुए बच्चों के लिए आँसू नहीं है'

"क्या आप ऐसे लोगों के लिए मतदान करेंगे?" बाबा रामदेव ने पूछा।
केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि अभी तक कांग्रेस की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए इच्छाशक्ति नहीं दिखाई है। जिससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस काला धन देश में वापस लाना ही नहीं चाहती है। 


बिना राहुल राहुल गांधी का नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए, बाबा ने कहा: "कुछ लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के लोग बाहर जाकर भीख मंगाते हैं, इस तरह के नेताओं ने गरीब लोगों की झोपड़ियां में जाने के लिए इवेंट मैनेजमेंट को प्रचार-प्रसार का हिस्सा बनाया है, वहाँ खाना खाना और उन लोगों की गरीबी का मजाक उड़ाना यह सब एक नाटक है। "

प्रियंका गांधी द्वारा अमेठी में अपने चुनाव अभियान के दौरान दोनों बच्चों को लाने पर, स्वामी रामदेव ने कहा, "अब इन्होने सीमाएं पार कर दी, वोट पाने के लिए दो छोटे-छोटे बच्चों को साथ ले आये, मेरे तो �बच्चें हैं नहीं, इसलिए मैं पांच गरीब बच्चों को लाया हूँ मंच पर और १२१ करोड़ भारतीयों की ओर से वोट मांग रहा हूं।

सलमान खुर्शीद पर स्वामी रामदेव ने कहा, यह वास्तव में शर्मनाक है कि एक केंद्रीय कानून मंत्री कानून को तोड़ने की बात करता है और पूरे मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुप हैं।

3 टिप्‍पणियां:

  1. बाबा बैठा मंच पर, लेकर बच्चे पाँच ।
    कहीं साँच की आँच से, बहता भंगुर काँच ।

    बहता भंगुर काँच, कष्ट सदियों से भोगा ।
    करिहै कैसे रोग, नीक बाबा का योगा ।

    नेताओं ने माल, कई पीढ़ी से दाबा ।
    बच्चा-बच्चा भिन्न, जानते राहुल बाबा ।।

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  2. छोरा होरा भूनता, खूब बजावे गाल ।
    हाथी के आगे नहीं, गले हाथ की दाल ।

    गले हाथ की दाल, गले तक हाथी डूबा ।
    कमल-नाल लिपटाय, बना वो आज अजूबा ।

    करे साइकिल रेस, हुलकता यू पी मोरा ।
    दीन-हीन परदेश, छकाते छोरी-छोरा ।।

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